लौह पुरुष सरदार पटेल: रियासतों के एकीकरण के महान शिल्पकार

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नोखा 31अक्टूबर 25

रायसर मार्ग स्थित आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक, नोखा ने भारत के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती व राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर विद्यालय में विशेष सभा आयोजित की गई, जिसमें सरदार पटेल के जीवन, कार्यों और उनके अद्भुत योगदान को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में वन्दना सभा के बाद छात्रों और आचार्यों ने राष्ट्रीय एकता प्रतिज्ञा ली, जिसमें देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
आचार्य किशन सिंह ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के बाद जब देश 562 रियासतों में बँटा हुआ था, तब सरदार पटेल ने अपने अद्भुत नेतृत्व, दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर इन रियासतों को एक सूत्र में बाँध दिया। उन्होंने रियासतों के राजाओं से बातचीत कर उन्हें भारतीय संघ में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। जहाँ संवाद से काम नहीं बना, वहाँ उन्होंने सख्त कदम उठाने में भी संकोच नहीं किया।उनकी नीति दृढ़ इच्छाशक्ति और कोमल कूटनीति पर आधारित थी। रियासतों के एकीकरण के इस अभियान में हैदराबाद, जूनागढ़ और कश्मीर जैसी जटिल रियासतों का भारत में विलय सरदार पटेल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है। उनकी दृढ़ता और देशभक्ति के कारण ही भारत आज एक अखंड राष्ट्र के रूप में खड़ा है।सरदार पटेल के अद्भुत योगदान की स्मृति में भारत सरकार ने गुजरात के केवड़िया में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराया, जिसकी ऊँचाई 182 मीटर है। यह प्रतिमा आज विश्व की सबसे ऊँची मूर्ति है और भारत की एकता का प्रतीक मानी जाती है।
प्रधानाचार्य आशीष डागा ने अपने संबोधन में कहा सरदार पटेल ने भारत को एक सूत्र में बाँधा, आज हम सबका कर्तव्य है कि हम उस एकता को बनाए रखें और देश की प्रगति में अपना योगदान दें।राष्ट्रीय एकता दिवस हमें यह सिखाता है कि देश की असली ताकत उसकी एकता और अखंडता में निहित है। सरदार पटेल का जीवन हर भारतीय को प्रेरणा देता है कि हम किसी भी परिस्थिति में राष्ट्र की एकता को सर्वोपरि रखें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और आचार्यों ने राष्ट्रगान बाद में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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