स्त्री देह से आगे भी आत्माओ का एकमेव होना है-डॉ.गुलाब कोठारी

स्त्री :देह से आगे पुस्तक पर विषय विवेचना करते हुए डॉ. गुलाब कोठारी

सिंथल,बीकानेर 20 फ़रवरी 2026

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स्त्री देश से भी आगे आत्माओं का एकमेव होना वेदो,उपनिषदों आदि में प्राचीन काल से ही उल्लेखित है वर्तमान समय में महिलाएं पुरुषों की तरह अपना जीवन ढालने का प्रयास कर रही है लेकिन उन्हें पहले यह समझना चाहिए कि वह एक स्त्री है और स्त्री का मुख्य कार्य परिवार को संस्कार और संस्कृती से परिचय करना और उन्हें आगे की पीढ़ी तक स्थानांतरण करना भी है

यह बात आज राजस्थान पत्रिका के मुख्य संपादक तत्व ज्ञानी डॉक्टर गुलाब कोठारी ने बीकानेर जिले के सिंथल गांव स्थित गुरुकुल बी.एल लर्निंग संस्थान, स्वामी विवेकानंद महिला बीएड कॉलेज मैं अपनी पुस्तक स्त्री:देह से आगे पर विषय विवेचन कार्यक्रम के तहत शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्र अध्यापिकाओ को संबोधित करते हुए कहा

उन्होंने कहा कि युवा महिला पीढ़ी को पुरुषों से प्रतिस्पर्धा करने से पहले परिवार के संस्कारों को साथ में लेकर प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए उन्होंने कहा कि कॅरियर के साथ संस्कार भी लेकर चलने से ही सफल होना आज के समय की मांग है

डॉ.कोठारी नें कहा कि वेदों उपनिषदों में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचने का कार्य स्त्री के माध्यम से ही माना है पुरुष को अधूरा माना गया है क्योंकि वह अपनी मां की कोख में जो संस्कारों लेकर आता है उसको सिखाना भी स्त्री की जिम्मेदारी है,यह संस्कार उसके माध्यम से मिलते हैं उन्होंने छात्र अध्यापिकाओ से कहा कि उनके ऊपर दोहरी जिम्मेवारी है प्रथम परिवार के संस्कारों को समझना दूसरा उसको आगामी पीढ़ी तक स्थानांतरित करना अपनी बात के पश्चात उन्होंने अनेक छात्र अध्यापिकाओ से संवाद भी किया जिसमें छात्र अध्यापिकाओं की जिज्ञासु प्रश्नों का उत्तर भी दिया इससे पूर्व गुरुकुल प्रांगण में अध्यक्ष डॉ.बाबूलाल मोहता नें डॉ.कोठारी का स्वागत करते हुए कहा कि डॉक्टर गुलाब कोठारी का गुरुकुल में आना यहां की छात्रा अध्यापिकाओं के लिए गर्व की बात है, इनके मार्गदर्शन से छात्राओ को आगामी जीवन लक्ष्य निर्धारण मेँ लाभ मिलेगा

इस अवसर पर डॉ.कोठारी का शाल,श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर निदेशक डॉ.विजय आचार्य, इंटीग्रेटेड प्राचार्य डॉ. रेनू शर्मा स्कूल प्राचार्य जैसा.के.थकन द्वारा स्वागत और सम्मान किया गया तथा बीएड प्राचार्य डॉ. सरोज राठौर द्वारा डॉ.गुलाब कोठारी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला गया

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